मत्स्य पालन और जलीय खेती में ड्रोन तकनीक के अनुप्रयोग पर कार्यशाला आज
नई दिल्ली 07 नवम्बर 2024। मत्स्य पालन, पशुपालन और डेयरी मंत्रालय के अंतर्गत मत्स्य पालन विभाग और राष्ट्रीय मत्स्य विकास बोर्ड, हैदराबाद 8 नवंबर को आईसीएआर-केंद्रीय समुद्री मत्स्य अनुसंधान संस्थान, कोच्चि, केरल में मत्स्य पालन और जलीय खेती में ड्रोन तकनीक के अनुप्रयोग और प्रदर्शन पर एक कार्यशाला का आयोजन कर रहे हैं। इस कार्यशाला में मत्स्य पालन, पशुपालन और डेयरी और अल्पसंख्यक मामलों के मंत्रालय में राज्य मंत्री जॉर्ज कुरियन उपस्थित रहेंगे। इस कार्यक्रम में केरल के विभिन्न प्रतिष्ठित वैज्ञानिक, राज्य मत्स्य अधिकारी, महिला और पुरूष मछुआरे भी शामिल होंगे।
कार्यशाला की शुरुआत सीएमएफआरआई के निदेशक के स्वागत भाषण से होगी, जिसके बाद मछली पालकों को “कैडलमिन बीएसएफ प्रो” मछली आहार वितरित किया जाएगा, जिसे स्थायी जलीय खेती विधियों का समर्थन करने के लिए बनाया गया है। इसके अलावा, ” ईजी सैलास सेंटर ऑफ एक्सीलेंस ” नामक एक पुस्तिका का भी विमोचन किया जाएगा, जिसमें इस क्षेत्र में प्रगति और योगदान का उल्लेख किया गया है। कार्यशाला के दौरान भारतीय समुद्री जैविक संघ (एमबीएआई) राष्ट्रीय संगोष्ठी का आधिकारिक शुभारंभ होगा , जिसका उद्देश्य पूरे देश में समुद्री विज्ञान पेशेवरों के बीच सहयोग और ज्ञान-साझा करने पर बढ़ावा देना है।
राष्ट्रीय मत्स्य विकास बोर्ड-एनएफडीबी अभिनव स्टार्टअप के साथ मिलकर मत्स्य पालन और जलीय खेती क्षेत्र में ड्रोन तकनीक की परिवर्तनकारी क्षमता का उल्लेख करते हुए प्रस्तुति देगा। इस कार्यक्रम का समापन मत्स्य पालन में विभिन्न ड्रोन अनुप्रयोगों जैसे मछली परिवहन, मछली चारा वितरण और बचाव अभियान के लिए लाइफ जैकेट वितरण आदि पर लाइव ड्रोन प्रदर्शन के साथ होगा। यह कार्यशाला मत्स्य पालन के क्षेत्र में बदलाव और इसकी क्षमता को अधिकतम करने में ड्रोन तकनीक की महत्वपूर्ण भूमिका पर ध्यान केंद्रित करते हुए अभिनव तकनीकी प्रगति को बढावा देने के लिए एक विशिष्ट मंच प्रदान करेगी। इस कार्यक्रम में 700 से अधिक महिला और पुरूष मछुआरे भाग लेंगे।