समेली में जनसमस्या निवारण शिविर, महिलाओं को नई ट्रैक्टर ट्राली, किसानों को उन्नत के बीज, 371 आवेदनो को मौके पर ही निराकरण

दंतेवाड़ा, 26 अक्टूबर 2024। दूरस्थ इलाकों में जनसमस्या निवारण शिविर आयोजित करने की श्रृंखला में ग्राम समेली में शिविर का आयोजन हुआ। इस शिविर के जरिये समेली ग्राम के अलावा अन्य ग्राम जैसे पालनार, बुरगुम, रेवाली, पोटाली, अरनपुर, तनेली, नहाड़ी ग्रामों को कव्हर करते हुए यहां के निवासियों की मांगों समस्याओं शिकायतों को भी विभिन्न विभागों के अधिकारियों ने सुना और निराकरण की आवश्यक पहल की। साथ ही दिए गए अन्य आवेदनों का भी संकलन करते हुए उसके निपटारे की समय सीमा भी तय किया गया।
उक्त शिविर में भी जन्म, जाति प्रमाण पत्र, आधार कार्ड, आयुष्मान कार्ड, राशन कार्ड, बनाने हेतु ग्रामीणों का भारी हुजूम था। मौके पर उपस्थित जनप्रतिनिधियों ने अपने उद्बोधन में कहा कि प्रदेश के मुख्यमंत्री के मंशानुरूप राज्य शासन दूर दराज के ग्रामीण क्षेत्रों तक विकास की समस्त योजनाओं को पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध है। फिर चाहे वह प्रधानमंत्री आवास योजना हो अथवा किसान सम्मान निधि योजना, प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना, किसान क्रेडिट कार्ड योजना, आयुष्मान भारत योजना का क्रियान्वयन हो। ये सभी योजनाएं अंतिम छोर के व्यक्ति तक पहुंचनी चाहिए। अतः ग्रामीणजन इन सभी योजनाओं की जानकारी तथा इससे लाभ प्राप्त करने की प्रक्रिया की जानकारी अवश्य ले उन्होंने विभागो से भी आग्रह किया कि वे ग्रामीणों को इन योजनाओं की जानकारी देवें।
शिविर में मुलेर की मां लक्ष्मी स्व सहायता समूह की महिलाओं को 15 लाख रुपये की लागत की ट्रैक्टर ट्राली प्रदाय की गई। इस ट्रेक्टर ट्राली में कृषि कार्य से संबंधित थ्रेसर, केटव्हील, रोटावेटर, मशीन भी थी। राष्ट्रीय आजीविका मिशन बिहान के तत्वाधान से दी गई इस ट्रैक्टर ट्राली को समूह की महिलाएं किराए पर कृषि कार्य एवं अन्य कार्य के लिए ग्रामीणों को देकर अपने आर्थिक स्थिति को सशक्त बनाएगी। इसके साथ ही शिविर में कृषि विभाग द्वारा किसानों को उन्नत किस्म के मसूर दाल के बीज भी दिए गए।इसके अलावा महिला बाल विकास विभाग द्वारा बच्चों का अन्नप्राशन एवं महिलाओं की गोद भराई की रस्म अदायगी की गई। साथ ही बाल संदर्भ षिविर के माध्यम से बच्चों का सुपोषण जांच किया गया,एवं कुछ कुपोषित बच्चों पोषण पुनर्वास केन्द्र भेजने की अनुशंसा भी की गई। स्वास्थ्य विभाग द्वारा ग्रामीणों को संक्रामक बचाव एवं उपचार संबंधी परामर्श सहित शुद्ध पेयजल का उपयोग,गर्म एवं ताजा भोजन का सेवन, स्वच्छता एवं साफ सफाई के समझाइश के साथ-साथ उनका स्वास्थ्य जांच किया गया और मौसमी बीमारियों से पीड़ित ग्रामीणों को दवाइयां भी दी गई। इस शिविर में कुल 502 आवेदन प्राप्त हुए जिसमें 371 आवेदनों का मौके पर ही निराकृत किया गया। इस शिविर में जिला पंचायत सदस्य श्रीमती पायके मरकाम,गांव की सरपंच सुकड़ी बाई सहित अन्य जनप्रतिनिधिगण, एसडीएम कमल किशोर, जनपद पंचायत सीईओ प्रतीक धुरधर, सहित अन्य विभागों के विभाग प्रमुख उपस्थित थे।

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