विश्व पोलियो दिवस, राज्य सरकारी की अहम भूमिका, सीएम के निर्देश पर चलाया गया बड़ा अभियान

महेन्द्र सिंह मरपच्ची
एमसीबी, 24 अक्टूबर 2024। पोलियो एक गंभीर बीमारी है, जो आमतौर पर छोटी उम्र में भी लोगों को अपना शिकार बना लेती है। यही वजह है कि इसके प्रति लोगों में जागरूकता फैलाने के मकसद से हर साल 24 तारीख को विश्व पोलियो दिवस मनाया जाता है। इस साल वर्ल्ड पोलियो डे की थीम है हर बच्चे तक पहुंचने के लिए एक ग्लोबल मिशन पोलियो।
पोलियो उन्मूलन के प्रयासों में एक अग्रणी भूमिका निभाई है। इस सफलता के पीछे मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय और स्वास्थ्य मंत्री श्यामबिहारी जायसवाल की अहम भूमिका रही है, जिनके नेतृत्व में राज्य ने स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत बनाया और पोलियो के खिलाफ एक बड़ा अभियान चलाया। पोलियो (पोलियोमाइलिटिस) एक संक्रामक बीमारी है जो पोलियोवायरस के कारण होती है। यह मुख्य रूप से बच्चों को प्रभावित करती है, जिससे उनकी मांसपेशियों में कमजोरी आ जाती है और स्थायी विकलांगता या मृत्यु भी हो सकती है। एक समय था जब यह बीमारी दुनियाभर में विकराल रूप ले चुकी थी, और लाखों बच्चे इससे प्रभावित हो रहे थे। लेकिन विश्व स्वास्थ्य संगठन और यूनिसेफ जैसी वैश्विक संस्थाओं ने पोलियो उन्मूलन के लिए व्यापक अभियान शुरू किए, जिसमें टीकाकरण एक मुख्य हथियार बना। भारत में पोलियो का आखिरी मामला 2011 में सामने आया था, और 2014 में देश को पोलियो मुक्त घोषित कर दिया गया। यह एक बड़ी उपलब्धि थी, लेकिन इस यात्रा में राज्यों का योगदान भी महत्वपूर्ण रहा है। छत्तीसगढ़ जैसे राज्यों ने पोलियो उन्मूलन की दिशा में जो कदम उठाए, वे पूरे देश के लिए प्रेरणा बने।
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय और स्वास्थ्य मंत्री श्यामबिहारी जायसवाल के नेतृत्व में पोलियो उन्मूलन के लिए कई अहम कदम उठाए। स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच को बेहतर बनाने के लिए राज्य में एक मजबूत टीकाकरण अभियान शुरू किया गया, जिसमें विशेष ध्यान उन ग्रामीण और आदिवासी इलाकों पर था, जहां स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच कम थी। मुख्यमंत्री ने अपने कार्यकाल के दौरान स्वास्थ्य सेवाओं को प्राथमिकता दी। उनका मानना था कि किसी भी राज्य की समृद्धि तभी संभव है जब उसकी जनता स्वस्थ हो। पोलियो जैसे रोगों को समाप्त करना उनके एजेंडे में सबसे ऊपर था। उनके नेतृत्व में राज्य में व्यापक स्तर पर स्वास्थ्य योजनाओं की शुरुआत की गई, जिनका उद्देश्य पोलियो जैसी बीमारियों का पूर्ण उन्मूलन था।
स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने पोलियो के खिलाफ लड़ाई में मुख्य भूमिका निभाई। उन्होंने राज्य के स्वास्थ्य विभाग को सशक्त बनाया और पोलियो टीकाकरण कार्यक्रम को सफलतापूर्वक लागू करने के लिए एक व्यापक रणनीति बनाई। उनके नेतृत्व में राज्य में कई पोलियो टीकाकरण अभियान चलाए गए, जिनमें “पल्स पोलियो अभियानष् सबसे प्रमुख था। उन्होंने यह सुनिश्चित किया कि राज्य के सभी जिलों में, विशेषकर आदिवासी और दूरदराज के इलाकों में टीकाकरण कार्यक्रम सुचारू रूप से चले। इसके लिए उन्होंने बड़ी संख्या में स्वास्थ्यकर्मियों और स्वयंसेवकों की टीम तैयार की, जो घर-घर जाकर बच्चों को पोलियो की खुराक पिलाने का काम कर रहे थे।