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कलेक्टर ने ली अधिकारियों की बैठक, प्रकरणों का शीघ्र निराकृत करने दिये निर्देश

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उत्तर बस्तर कांकेर। कलेक्टर डॉ. प्रियंका शुक्ला ने आज समय सीमा की बैठक लेकर लंबित प्रकरणों को शीघ्र निराकृत करने के निर्देश दिये। ई-जनचौपाल में प्राप्त आवेदनों को भी जल्द निराकरण करने तथा बड़े पुलों और सड़कों के निर्माण के लिए स्थल चिन्हांकन कर उनकी सूची प्रस्तुत करने के लिए सभी एसडीएम एवं जनपद सीईओ को निर्देशित किया गया ताकि इन कार्यों की स्वीकृति के लिए शासन को प्रस्ताव भेजा जा सके।
कोयलीबेड़ा में प्रत्येक शुक्रवार को जनपद कार्यालय लगाना सुनिश्चि करने के लिए कलेक्टर डॉ. प्रियंका शुक्ला द्वारा अपर कलेक्टर अंतागढ़ बी.एस उईके को निर्देशित किया गया है। विकासखण्ड स्तर के सभी अधिकारी कोयलीबेड़ा में एक दिन मौजूद रहेंगे तथा कार्यालयीन दायित्वों का निर्वाहन के साथ ही आम जनता की समस्याओं का भी निराकरण करेंगे।
आम जनता से प्राप्त शिकायतों पर अविलंब जांच करने तथा उसका प्रदिवेदन जिला कार्यालय को प्रस्तुत करने के लिए कलेक्टर ने अधिकारियों को निर्देशित किया है। महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना के श्रमिकों का श्रम विभाग में अनिवार्य रूप से पंजीयन कराने के लिए भी निर्देश दिये गये ताकि श्रम विभाग की योजनाओं से श्रमिकों को लाभान्वित किया जा सके। विकासखण्ड कांकेर अंतर्गत मनरेगा में कार्यरत सभी श्रमिकों का श्रम विभाग में पंजीयन होने की जानकारी दी गई । इस पर प्रसन्नता व्यक्त करने हुए जनपद सीईओ कांकेर को सम्मानित करने के लिए कहा गया। बैठक में गोधन न्याय योजना अंतर्गत गोबर की खरीदी तथा उससे वर्मीकम्पोस्ट का निर्माण की समीक्षा भी किया गया तथा सभी गौठानों में गोबर खरीदी सुनिश्चित करने के निर्देश दिये गये। आंगनबाड़ी एवं पीडीएस गोदाम भवन निर्माण, मुख्यमंत्री के घोषणा अंतर्गत स्वीकृत निर्माण कार्यों तथा घोटूल एवं देवगुड़ी निर्माण कार्य में प्रगति की भी समीक्षा किया गया तथा इन कार्यों को अविलंब पूरा करने के निर्देश दिये गये। ऐसे ग्राम पंचायत जहॉ स्वीकृत अधिकांश निर्माण कार्य अधूरे हैं, उनकी सूची उपलब्ध कराने तथा मतदान केन्द्रों में रैम्प बनाने और बेरोजगारी भत्ता के लिए प्राप्त आवेदनों का त्वरित निराकरण करने के लिए सभी जनपद सीईओ को निर्देश दिये गये हैं।
धूमन्तु पशुओं के कारण सड़क दुर्घटना को रोकने के लिए राष्ट्रीय राजमार्ग एवं राज्यमार्ग में दुर्घटनाजन्य स्थलो का चिन्हांकन करने तथा पशुओ को रखने के लिए कांजीहाउस एवं गौठान का मैपिंग करने सभी एसडीएम एवं जनपद सीईओ को निर्देश दिये गये हैं। चिन्हांकित गौठान एवं कांजीहाउस की क्षमता का भी आंकलन करने तथा प्राईवेट कांजीहाउस का संचालन करने के इच्छुक व्यक्तियों का चिन्हांकन करने के लिए निर्देशित किया गया है। घुमंतु पशुओं को सड़कों में इक्कट्ठा पाये जाने पर उन्हे हटाने के लिए डायल नंबर 1100 जारी किये गये है। उक्त नंबर पर फोन कर कोई भी व्यक्ति सूचना दे सकता हैं, जिसे रिसीव करने के लिए कर्मचारियों का ड्यूटी लगाने के निर्देश दिये गये। घुमंतू पशुओं को सड़कों में बैठने से रोकने के लिए उनके बिहेवियर चेंज करने का प्रयास करने तथा दुर्घटनाजन्य स्थलों का रात में भी औचक निरीक्षण करने के लिए सभी एसडीएम को कलेक्टर द्वारा निर्देशित किया गया है। पशुओं में रेडियम बेल्ट लगाने के कार्य की समीक्षा भी उनके द्वारा की गई। पशुधन विकास विभाग के उप संचालक ने बताया कि अब तक 785 पशुओं में रेडियम बेल्ट लगाया जा चुका है। बैठक में अपर कलेक्टर अंतागढ़ बी.एस उईके, वनमण्डलाधिकारी कांकेर आलोक वाजपेयी, जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी सुमीत अग्रवाल, विभिन्न विभागों के जिला अधिकारी, सभी एसडीएम, जनपद सीईओ एवं नगरीय निकायों के अधिकारी उपस्थित थे।

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