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प्रधानमंत्री ने ‘मैत्री सेतु’ का उद्घाटन किया, ‘डबल इंजन’ सरकार के फायदे गिनाए

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नयी दिल्ली. प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने मंगलवार को भारत और बांग्लादेश के बीच फेनी नदी पर बने ‘मैत्री सेतु’ के साथ ही त्रिपुरा में कई बुनियादी ढांचा परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास किया और कहा कि पूर्वोत्तर का यह राज्य पिछली सरकारों के 30 वर्ष और पिछले तीन वर्षों की ‘डबल इंजन’ सरकार के बीच अंतर को महसूस कर रहा है.

वीडियो कांफ्रेंस के माध्यम से ‘मैत्री सेतु’ का उद्घाटन करने के बाद अपने संबोधन में प्रधानमंत्री ने जहां राज्य के विकास में योगदान के लिए मुख्यमंत्री बिप्लब कुमार देब की जमकर सराहना की वहीं पश्चिम बंगाल सहित अन्य विपक्ष शासित राज्यों पर निशाना भी साधा.

केंद्र व राज्य में भाजपा की सरकार यानि ‘‘डबल इंजन’’ सरकार होने के फायदे गिनाए और कहा पिछले तीन वर्षों में आपसी सम्पर्क से सम्बन्धित आधारभूत संरचनाओं के क्षेत्र में त्रिपुरा में जबरदस्त सुधार देखने को मिला है.

उन्होंने त्रिपुरा में हवाई अड्डे के लिए तेजी से हो रहे काम, समुद्र के जरिए इन्टरनेट सुविधा, रेलवे लाइन पहुंचाने और जलमार्गों का हवाला दिया और साथ ही राजमार्ग-हाईवे, आई-वे, रेलवे और वायुमार्ग-एयरवे का उल्लेख किया.

मोदी ने कहा, ‘‘डबल इंजन की सरकार के ये काम त्रिपुरा की बहनों-बेटियों को सशक्त करने में मदद कर रहे हैं. त्रिपुरा में पीएम किसान सम्मान निधि और आयुष्मान भारत योजना का भी लाभ किसानों और गरीब परिवारों को मिल रहा है. जहां डबल इंजन की सरकार नहीं है, आपके पड़ोस में ही, गरीबों, किसानों, बेटियों को सशक्त करने वाली योजनाएं या तो लागू ही नहीं की गई, या बहुत धीमी गति से चल रही है.’’

मोदी ने कहा कि 2017 में त्रिपुरा की जनता ने भाजपा पर भरोसा जताकर ‘‘डबल इंजन’’ की सरकार बनाई. आज वह पुरानी सरकार के 30 साल और डबल इंजन की तीन साल की सरकार में आए बदलाव को स्पष्ट अनुभव कर रही है. उन्होंने कहा कि पूर्ववर्ती वामपंथी शासन में त्रिपुरा में जहां कमीशन और भ्रष्टाचार के बिना काम होने मुश्किल थे, वहां आज सरकारी लाभ लोगों के बैंक खाते में सीधे पहुंच रहा है.

उन्होंने कहा, ‘‘जो कर्मचारी समय पर सैलरी पाने के लिए भी परेशान हुआ करते थे, उनको सातवें वेतन आयोग के तहत सैलरी मिल रही है. जहां किसानों को अपनी उपज बेचने के लिए अनेक मुश्किलें उठानी पड़तीं थीं, वहीं पहली बार त्रिपुरा में किसानों से न्यूनतम समर्थन मूल्य पर खरीद सुनिश्चित हुई.’’

उन्होंने कहा कि जिस त्रिपुरा को हड़ताल की संस्कृति ने बरसों पीछे कर दिया था, आज वो व्यवसाय की सुगमता के लिए काम कर रहा है और जहां कभी उद्योगों में ताले लगने की नौबत आ गई थी, वहां अब नए उद्योगों और नए निवेश के लिए जगह बन रही है. उन्होंने कहा कि त्रिपुरा से होने वाले निर्यात में भी पांच गुना वृद्धि हुई है.

प्रधानमंत्री ने कहा कि ‘डबल इंजन’ सरकार त्रिपुरा को मजबूत बनाने के लिए काम कर रही है और इसी का परिणाम है कि कभी इसकी गिनती बिजली की कमी वाले राज्यों में होती थी लेकिन उस वह सरपल्स वाले राज्यों में शुमार है.

उन्होंने वर्तमान सरकार की उपलब्धियां गिनाते हुए कहा कि राज्य के दो लाख ग्रामीण परिवारों को पेयजल उपलब्ध कराने के लिए उन्हें पाईपलाइन से जोड़ा गया, 2.5 लाख निशुल्क गैस कनेक्शन दिए गए, हर गांव को खुले में शौच से मुक्त किया गया, 50 हजार गर्भवती महिलाओं को मातृ वन्दना योजना का लाभ मिला और 40 हजार निर्धन परिवारों को उनके नए घर मिले.

प्रधानमंत्री ने कहा कि मैत्री सेतु के खुल जाने से अगरतला, अंतरराष्ट्रीय समुद्री बंदरगाह से भारत का सबसे नजÞदीकी शहर बन जाएगा. उन्होंने कहा, ‘‘भारत और बांग्लादेश के बीच सम्पर्क से न केवल मित्रता प्रगाढ़ हो रही है बल्कि व्यापार के लिए भी यह एक मजबूत कड़ी सिद्ध हो रहा है. इस समूचे क्षेत्र को पूर्वोत्तर भारत और बांग्लादेश के बीच व्यापार गलियारे के रूप में विकसित किया जा रहा है.’’

प्रधानमंत्री ने कहा कि पिछले वर्षों के दौरान रेललाइनों और नदीजल मार्गों के जरिये परिवहन और सम्पर्क की पूरी हुई परियोजनाओं को इस सेतु से और ताकत मिली है. उन्होंने कहा, ‘‘इससे त्रिपुरा के साथ-साथ दक्षिणी असम, मिजोरम और मणिपुर के बांग्लादेश और दक्षिणपूर्व-एशिया से परस्पर सम्पर्क में और बढ़ोत्तरी होगी.’’

मोदी ने कहा कि इस सेतु से बांग्लादेश में भी आर्थिक उन्नति के अवसर बढ़ेंगे. प्रधानमंत्री ने इस सेतु परियोजना के पूरा होने में सहयोग देने के लिए बांग्लादेश सरकार और वहां के प्रधानमंत्री को धन्यवाद दिया. उन्होंने कहा कि आज राष्ट्रीय राजमार्ग के चौड़ीकरण से जुड़Þी जिन परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास किया गया है, उनसे पूर्वोत्तर का बंदरगाह से संपर्क और सशक्त होगा.

इस अवसर पर बांग्लादेश की प्रधानमंत्री शेख हसीना का एक वीडियो संदेश भी प्रसारित किया गया. उन्होंने मैत्री सेतु के उद्घाटन को ऐतिहासिक अवसर बताया. कार्यक्रम में त्रिपुरा के राज्यपाल रमेश बैस और मुख्यमंत्री बिप्लब कुमार देब भी उपस्थित थे. फेनी नदी त्रिपुरा और बांग्लादेश में भारतीय सीमा के बीच बहती है.

इस सेतु का निर्माण राष्ट्रीय राजमार्ग और बुनियादी ढांचा विकास निगम लिमिटेड ने किया है. इस पर 133 करोड़ रुपये की लागत आई है. 1.9 किलोमीटर लंबा यह पुल भारत में सबरूम को बांग्लादेश के रामगढ़ से जोड़ता है. इससे दोनों देशों के बीच व्यापार और परस्पर संपर्क बढ़ेगा.

मैत्री सेतु के उद्घाटन से बांग्लादेश के चट्टोग्राम बंदरगाह तक पहुंचने के लिए त्रिपुरा, पूर्वोत्तर का प्रवेश द्वार बन गया है. यह सबरूम से केवल 80 किलोमीटर की दूरी पर है. प्रधानमंत्री ने इस अवसर पर सबरूम में एकीकृत जांच चौकी स्थापित करने के लिए आधारशिला भी रखी.

प्रधानमंत्री ने कैलाशहर में उनाकोटी जिला मुख्यालय को खोवाई जिला मुख्यालय से जोड़ने वाले एचएच-208 की आधारशिला रखी और राज्य सरकार द्वारा विकसित राज्य राजमार्गों और अन्य जिला सड़कों का भी उद्घाटन किया.

उन्होंने प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) के तहत 40978 घरों और अगरतला स्मार्ट सिटी मिशन के तहत निर्मित इंटीग्रेटेड कमांड एंड कंट्रोल सेंटर का भी उद्घाटन किया. प्रधानमंत्री ने पुराने मोटर स्टैंड में मल्टी लेवल कार पार्किंग और वाणिज्यिक परिसर के विकास के लिए आधारशिला भी रखी.

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