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पहले चरण के मतदान से पहले समाप्त हो सकता है बजट सत्र

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नयी दिल्ली. संसद के बजट सत्र को छोटा किया जा सकता है और चार राज्यों व केंद्र शासित पुडुचेरी विधानसभा चुनाव के मद्देनजर 27 मार्च से आरंभ हो रहे पहले चरण के मतदान से पहले इसे समाप्त किया जा सकता है.

सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक मंगलवार से संसद के दोनों सदनों की कार्यवाही पूर्व की व्यवस्था के अनुसार पूर्वाह्न 11 बजे से शुरू होगी. ज्ञात हो कि कई दलों ने विधानसभा चुनावों के मद्देनजर सत्र निर्धारित समय से पहले स्थगित किए जाने की मांग की है. निर्धारित कार्यक्रम के मुताबिक बजट सत्र का दूसरा चरण आठ अप्रैल को समाप्त होना है जबकि आखिरी चरण के तहत 29 अप्रैल को मतदान होना है.

बजट सत्र के दूसरे चरण के पहले दिन राज्यसभा में आज यह घोषणा की गई कि अब उच्च सदन की बैठक मंगलवार से अपने सामान्य समय पर पूर्वाह्न 11 बजे शुरू होगी और शाम छह बजे तक चलेगी. लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने निचले सदन में इसी प्रकार की घोषणा की. सत्र को जल्द समाप्त करने के बारे में आखिरी फैसला बिरला लेंगे. आज उन्होंने सदन में विभिन्न दलों के नेताओं से मुलाकात की.

लोकसभा की कार्य मंत्रण समिति की बैठक में बिरला ने सत्र निर्धारित समय से पहले समाप्त किए जाने को लेकर सदन के सभी नेताओं की एक-एक कर राय जानी. तृणमूल कांग्रेस और द्रविड़ मुनेत्र कड़गम के सदस्यों ने बैठक में हिस्सा नहीं लिया.

संसदीय सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक बीजू जनता दल ने कहा कि विधानसभा के चुनाव अक्सर कुछ महीनों में हुआ करते हैं इसलिए चुनावों के लिए सत्र को छोटा करना उचित नहीं होगा. वाईएसआर कांग्रेस के पी वी मिथुन ने कहा कि यदि इस सत्र को छोटा किया जाता है तो अगला सत्र लंबा होना चाहिए.

इससे पहले, तृणमूल कांग्रेस ने विधानसभा चुनावों की प्रक्रिया का हवाला देते हुए संसद के बजट सत्र के दूसरे चरण को स्थगित करने की मांग की. राज्यसभा के सभापति एम वेंकैया नायडू को लिखे एक पत्र में तृणमूल कांग्रेस के सदस्य और प्रवक्ता डेरेक ओ’ब्रायन ने कहा कि चुनावों के कारण उनकी पार्टी के सदस्य संसद सत्र में उपस्थित नहीं रह सकेंगे.

उन्होंने कहा, ‘‘तृणमूल कांग्रेस का नेता (राज्यसभा) होने के नाते मैं आपको यह पत्र लिख रहा हूं. पांच राज्यों में चुनावों की घोषणा के कारण मैं आपसे चालू संसद सत्र को स्थगित करने पर विचार करने का आग्रह करता हूं.’’

उन्होंने पत्र में लिखा, ‘‘निर्वाचन आयोग ने 26 फरवरी को पश्चिम बंगाल सहित चार राज्यों व पुडुचेरी में चुनाव की घोषणा की है. राज्य में चुनाव की व्यापक तैयारियों के कारण आॅल इंडिया तृणमूल कांग्रेस के सदस्यों को आठ मार्च से आरंभ हो रहे बजट सत्र के दूसरे चरण में शामिल होने पर परेशानियां होंगी.

तृणमूल कांग्रेस के नेता सुदीप बंदोपाध्याय ने इसी विषय पर एक पत्र लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला को लिखा है और चुनावों के कारण सत्र स्थगित करने का आग्रह किया है. ओ’ब्रायन ने आठ मार्च को लिखे पत्र में यह हवाला भी दिया है कि दो ऐसे मौके आए जब चुनावों के कारण पूर्व में संसद सत्र को स्थगित कर दिया गया था.

उन्होंने उदाहरण देते हुए बताया कि संसद के 222वें सत्र के दौरान असम, केरल, पुडुचेरी, तमिलनाडु और पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनावों के कारण सदन की कार्यवाही 25 मार्च 2011 को अनिश्चितकाल के लिए स्थगित कर दी गई थी. उन्होंने दूसरा उदाहरण संसद के 214वें सत्र का दिया जब चुनावों के कारण सत्र स्थगित कर दिया गया था.

उन्होंने अपने पत्र में लिखा, ‘‘मुझे उम्मीद है कि आप हमारे इस प्रस्ताव पर विचार करेंगे.’’ उल्लेखनीय है कि कोविड-19 महामारी के मद्देनजर पिछले सत्र और वर्तमान सत्र के पहले चरण में संसद के दोनों सदनों की बैठक के समय में परिवर्तन किया गया था. दोनों सदनों की बैठक अलग-अलग समय पर आहूत की जाती थी.

बदली हुई व्यवस्था के तहत सदन के सदस्य लोकसभा एवं राज्यसभा कक्षों के अलावा विभिन्न गैलरी में बैठते थे. बदली हुई व्यवस्था के तहत राज्यसभा की कार्यवाही सुबह नौ बजे से और लोकसभा की कार्यवाही अपराह्न चार बजे से शुरू होती थी. ज्ञात हो कि कोरोना महामारी के मद्देनजर संसद का शीतकालीन सत्र नहीं हो सका था.

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